:
Breaking News

जमुई झाझा थाना में रिश्वत कांड: चालक सिपाही 12 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, बालू ट्रैक्टर से अवैध वसूली का खुलासा

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

जमुई के झाझा थाना में तैनात चालक सिपाही जितेंद्र कुमार को निगरानी विभाग ने 12 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। बालू लदे ट्रैक्टरों से अवैध वसूली का बड़ा नेटवर्क सामने आया, थाना प्रभारी की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

जमुई/आलम की खबर:जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां निगरानी विभाग (SVU) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना में तैनात एक चालक सिपाही को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र कुमार, चालक सिपाही, झाझा थाना के रूप में हुई है। उस पर आरोप है कि वह बालू से लदे ट्रैक्टरों से अवैध वसूली कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रति ट्रैक्टर 3000 रुपये की दर से रोजाना वसूली की जा रही थी, और यह पैसा कथित रूप से थाना स्तर तक पहुंचाया जाता था।

निगरानी विभाग को इस पूरे मामले की शिकायत एक ट्रैक्टर मालिक उमेश यादव द्वारा दी गई थी, जिसके बाद विभाग ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बालू ढुलाई करने वाले वाहनों से अवैध वसूली की मांग की जा रही है। शिकायत में यह भी बताया गया कि आरोपी चालक सिपाही ने स्पष्ट रूप से कहा था कि बिना पैसे दिए ट्रैक्टरों को चलने नहीं दिया जाएगा।

शिकायत के आधार पर SVU ने जाल बिछाया और तय योजना के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने झाझा थाना क्षेत्र के दुर्गा चौक के पास ट्रैप लगाकर आरोपी चालक सिपाही जितेंद्र कुमार को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह राशि तीन ट्रैक्टरों से प्रति ट्रैक्टर 3000 रुपये की दर से वसूली जा रही थी।

इस कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि रिश्वत का यह पैसा केवल चालक सिपाही तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे थाना प्रभारी तक पहुंचाने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि चालक सिपाही द्वारा वसूली गई राशि आगे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी, जिससे इस पूरे मामले में एक संगठित नेटवर्क की आशंका और मजबूत हो गई है।

गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग ने आरोपी से जमुई सर्किट हाउस में गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना है, जिससे इस पूरे अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस अवैध वसूली में और कौन-कौन लोग शामिल थे और यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था।

SVU के अपर पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार दाराद ने बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता उमेश यादव, ग्राम चितोचक, थाना झाझा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि बालू लदे ट्रैक्टरों से प्रतिदिन प्रति वाहन 3000 रुपये की मांग की जा रही है। उनके पास तीन ट्रैक्टर थे और उनसे 12000 रुपये की दैनिक वसूली की मांग की गई थी।

विभागीय सत्यापन के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपी चालक सिपाही ने स्पष्ट रूप से यह कहा था कि यह पैसा थाना प्रभारी के निर्देश पर लिया जा रहा है और इसके लिए अलग से किसी से मिलने की आवश्यकता नहीं है। इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है और अब पूरे थाना स्तर की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।

इस मामले में SVU थाना कांड संख्या 20/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2)(a) के तहत केस दर्ज किया गया है।

कार्रवाई के बाद झाझा थाना प्रभारी के मौके से फरार होने की चर्चा भी सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी, लेकिन इस चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

निगरानी विभाग की टीम अब इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने में जुटी हुई है। यह भी जांच की जा रही है कि बालू खनन और परिवहन से जुड़े अन्य लोग भी इस अवैध वसूली नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं हैं।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर बिहार में चल रहे अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गया है।

यह भी पढ़ें:

बिहार में बालू माफिया पर बड़ी कार्रवाई

alamkikhabar.com/bihar/sand-mafia-action

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *